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राजा राज राजेश्वर सिंह

सामाजिक कार्य · जसनगर, झण्डी, नया पिंड

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण, कटान का मुआयना एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरण

जसनगर में जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी निघासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मोहाना नदी के कटान एवं बाढ़ का मुआयना, तथा झण्डी और नया पिंड में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत किट वितरण।

जसनगर में उफनती नदी के किनारे कटे हुए तट के पास खड़े अधिकारी और ग्रामीण
मौके पर नदी कटान और बाढ़ की स्थिति का मुआयना।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण एवं राहत किट वितरण — जसनगर।

राहत किट वितरण के दौरान राहत सामग्री के बोरों के पास खड़े ग्रामीण
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत किट का वितरण।
एक ग्रामीण को राहत किट सौंपी जा रही है, आसपास स्थानीय लोग खड़े हैं
राहत किट सौंपते हुए।
भ्रमण के दौरान गाँव की गली में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ पैदल चलते हुए
प्रभावित क्षेत्र के भ्रमण के दौरान।

निघासन विधानसभा क्षेत्र के जसनगर में मोहाना नदी से हो रहे भीषण कटान एवं बाढ़ की स्थिति का मौके पर पहुंचकर जिलाधिकारी श्री अंजनी कुमार सिंह जी, उपजिलाधिकारी निघासन श्री यदुवीर सिंह जी तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मुआयना किया। इस दौरान बाढ़ एवं नदी कटान से प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति को करीब से जाना तथा प्रभावित क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

बाढ़ के कारण विस्थापित हुए परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के क्रम में झण्डी क्षेत्र में पहुंचकर प्रभावित परिवारों के बीच राहत किट का वितरण किया गया। साथ ही खैरटिया के नया पिंड गाँव में भी बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच राहत किट वितरित की गई।

इस दौरान बाढ़ एवं नदी कटान से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और उनके सामने उत्पन्न आवास, भोजन तथा अन्य बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़ी परिस्थितियों को समझा गया। प्रशासन से आग्रह किया गया कि जिन ग्रामवासियों ने बाढ़ एवं कटान के कारण अपने घर और भूमि खोई है, उनके लिए शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर आवास, भोजन तथा आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना केवल तत्काल सहायता का विषय नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी निरंतर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्यवाही और प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।